vinay
Wednesday, 7 July 2021
भारत की विदेश नीति का असफल होना
हमारी देश की विदेश नीति में इसका कारण से कमजोर होना की पश्चिमी देशों का साथ लेना और हाल ही में क्वाड संगठन बनाना जिस तरीके से नाटो का संगठन है जो चीन पर एक दबाव बनाना चाहता है और भारत भी इस संगठन का शामिल होना जिस स चीन में भारत के प्रति दुर्भावना रखना एवं रूस का हमारा मैत्री संबंध ना होना चीन का सपना सिल्क रूट का निर्माण करना जो पाकिस्तान का काफी भूभाग उसी रास्ते होकर के कई देशों को जोड़ना है और अमेरिका हाल ही में चीन का विरोध करते हुए पाकिस्तान को निशाना बनाया है और उस पर दबाव बना रहा है कि पाकिस्तान हमारे खेमे में हो जाए और जो कि आप जानते ही होंगे कि पाकिस्तान रूस एवं चीन के मैत्रीपूर्ण संबंध व्यापारिक संबंध और अब पाकिस्तान पश्चिमी खेमों पूरी तरह बाहर हो चुका है और चीन और रूस की तकनीक एवं आर्थिक सहयोग दोनों की मदद मिल रही है हालांकि हाल ही में आप लोगों को मालूम होगा चीन ने भारत के भूभाग को कब्जे में ले रखा है जो पूर्णता नहीं छोड़ रहा है और कुछ आंशिक भागो में छोड़ रखा है इसका कारण क्या है? इस प्रश्न का उत्तर आपको विस्तार पूर्वक दे रहा हूं चीन भारत को अप्रत्यक्ष रूप से यह कहना चाहता है की भारत को पश्चिमी देशों के खेमे से बाहर आना चाहिए और उसने विस्तार पूर्वक कह दिया कि भारत पश्चिमी देशों का कठपुतली ना बने मगर वर्तमान सरकार आंतरिक झमेलों से छुटकारा नहीं मिल पा रहा है तो विदेश नीति कैसी होगी चीन अप्रत्यक्ष रूप से भारत में कहना चाहता है कि पश्चिमी देशों से रिश्ता तोड़ो हालांकि मैंने इस बात का स्पष्टीकरण नहीं किया कि क्यों तोड़ो इसका कारण हर देश का समुद्री क्षेत्र का अपना खेमा होता है और अंतरराष्ट्रीय समुद्री खेमाएं बैठी हुई है यह पहले से परिभाषित है भारत में अमेरिकी जहाजी बेड़ा को अपनी समुद्री खेमा ओ में दाखिल होने का रास्ता दिया इससे चीन चिड़चिड़ा हुआ है
Subscribe to:
Posts (Atom)